Ragging in India: UGC ने कहा Ragging की समस्या पर है पूरा ध्यान, 90% तक कर दिया सभी Ragging Cases का समाधान..

Ragging In India

Ragging in India की समस्या पर सरकार एवं University Grand Comission (UGC) काफी समय से काम कर रहे है। Ragging in India भारत देश के विकास में एक अवरोध की भाति कार्य करता है। आज के समय में जहा विधयार्थी विभिन्न प्रकार की समस्याओ और रुकावटों का सामना कर Universities में Admission के लिए भरपूर प्रयास करके वहा Admission लेते है, वही दूसरी ओर कुछ Senior Students उन्ही नए Students के साथ Ragging जैसी घटनाओ को अंजाम देते है। इस समस्या के निवारण हेतु किए गए सभी सफल प्रयासों के चलते भारत के विकास में अवरोध बनती इस बाधा में कमी आई है।

Ragging in India के समस्या के चलते कई छात्रों को अनेकों प्रकार के शारीरिक एवं मानसिक तनावों से ग्रस्त रहने की परिस्थिति से अवगत होना पड़ा। Initiation Ritual के नाम पर  Senior Students द्वारा New Students से रंग, नस्ल, धर्म, जाति, जातीयता, लिंग (ट्रांसजेंडर सहित), यौन अभिविन्यास, उपस्थिति, राष्ट्रीयता, क्षेत्रीय आधार पर, भाषाई पहचान, जन्म स्थान, निवास स्थान या आर्थिक पृष्ठभूमि के आधार पर किसी अन्य छात्र (नए या अन्यथा) को लक्षित करके शारीरिक या मानसिक दुर्व्यवहार (धमकाने और बहिष्कार सहित) का कोई भी कार्य करवाने का प्रयास भी करता है, तो इस Ragging की श्रेणि में सम्मिलित किया जाता है। 

ऐसा कोई भी कार्य यो किसी Student द्वारा अन्य Student के साथ किया जाए या उस से जबरन करवाया जाए जो की उसकी मानसिक स्तिथि व शारीरिक स्तिथि के नुकसान का कारण बने, इस प्रकार के सभी कर्तय भी Ragging ही है। 

Ragging in India की समस्या से जुड़े  Higher Educational Institutions (HEIs) के कुछ आँकड़े।

Ragging in India की समस्या के चलते पिछले कुछ वर्षों में Higher Educational Institutions (HEIs) में लगभग 1,240 Ragging के cases सामने आए है। 1 January 2023 से लेकर  28 April 2024 तक रिपोर्ट किए गए सभी Ragging के cases में से अधिकतम cases जो की लगभग कुल संख्या का 82% है, पुरुष छात्रों द्वारा Report कराए गए है।

आंकड़ों के अनुसार, 82.18% पुरुष, 17.74% महिला और 0.08% ट्रांसजेंडर लोगों ने रैगिंग की घटनाओं की सूचना दी। ये शिकायतें समर्पित toll-free anti-ragging helpline number (1800-180-5522) और  anti-ragging cell at the UGC में भी दर्ज की गईं। पिछले Academic Year (2022-23) के आंकड़ों की तुलना करने पर इस अवधि में दर्ज Ragging के मामलों की संख्या में लगभग 45% की वृद्धि देखी गई।

पिछले Academic Year में Anti-Ragging Helpline no. कुल 858 Complaints प्राप्त हुईं। इसी तरह, Academic Year 2021-22 और 2022-23 के बीच लगभग 47% की बढ़ोतरी देखी गई, जिसमें पूर्व में 582 Complaints दर्ज की गईं।

You Can Also Read:

Ragging in India की समस्या पर बोले UGC Chairman M Jagadesh Kumar

University Grand Comission (UGC) ने बताया की पिछले वर्ष Higher Educational Institutions (HEIs) में Ragging की कम से कम 1,240 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें से 1,113 मामले या 89.76 प्रतिशत मामले University Grand Comission (UGC) द्वारा सुलझाए गए हैं।

UGC Chairman, Prof. M.Jagadesh Kumar ने बताया की Ragging in India के लगभग 90 प्रतिशत मामले सुलझाए गए, जो UGC और संस्थानों की Ragging की शिकायतों का तुरंत समाधान करने और भारत भर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में सभी छात्रों के लिए एक सुरक्षित और समावेशी शिक्षण वातावरण प्रदान करने में मदद करने की प्रतिबद्धता को उजागर करते हैं। वर्तमान में, 127 सक्रिय शिकायतें, या 10.24%, अभी भी लंबित हैं, और UGC उन्हें जल्द ही हल करने की योजना बना रहा है।

हाल ही में, UGC ने 2009 में अपने फैसले में Supreme Court के निर्देशों के अनुपालन में Higher Educational Institutions (HEIs) में Ragging के खतरे को रोकने के लिए राज्यों से जिला-स्तरीय Panel स्थापित करने को कहा। इन समितियों में विभिन्न हितधारक शामिल हैं, जिनमें जिला कलेक्टर/जिला मजिस्ट्रेट, विश्वविद्यालय के प्रमुख, पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, स्थानीय मीडिया के प्रतिनिधि, छात्र संगठन और अन्य शामिल हैं। इन जिला समितियों के पीछे का विचार रैगिंग की घटनाओं को सक्रिय रूप से रोकना और शिकायत आने पर तीव्र कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

1 thought on “Ragging in India: UGC ने कहा Ragging की समस्या पर है पूरा ध्यान, 90% तक कर दिया सभी Ragging Cases का समाधान..”

  1. Pingback: विद्यार्थियों के कीमती सामान और नकद की चोरी, DSEU सुरक्षा पर संकट के बादल! - Khabre Vidyarthi

Scroll to Top